समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एक नवम्बर से 31 जनवरी त

राज्य सरकार ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के उपार्जन केन्द्रों में न्यूनतम समर्थन मूल्य नीति के तहत धान खरीदी की तैयारी शुरू कर दी है। खरीदी छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर एक नवम्बर से शुरू हो जाएगी। धान खरीदी की तैयारियों के लिए परिपत्र जारी कर दिया गया है। परिपत्र में खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 के लिए धान और मक्का उपार्जन की नीति निर्धारित की गई है।

 परिपत्र के अनुसार उपार्जन केन्द्रों में धान की नगद और लिंकिंग में खरीदी करीब तीन माह तक अर्थात 31 जनवरी 2019 तक चलेगी। मक्का खरीदी का कार्य सात महीने तक अर्थात एक नवम्बर 2018 से शुरू होकर 31 मई 2019 तक चलेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किसानों को धान के प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ 300 रूपए का बोनस भी जोड़कर देने की घोषणा की है। केन्द्र सरकार द्वारा इस खरीफ वर्ष के लिए सामान्य धान पर 1750 रूपए और ए-ग्रेड धान पर 1770 रूपए प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य घोषित किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 200 रूपए ज्यादा है। किसानों को राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले 300 रूपए प्रति क्विंटल की बोनस राशि को मिलाकर इस वर्ष सामान्य धान पर 2050 रूपए और ए-ग्रेड धान पर 2070 रूपए की धनराशि मिलेगी। वहीं मक्के पर केन्द्र द्वारा 1700 रूपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। किसानों को राशि का डिजिटल भुगतान होगा। उनके खातों में राशि ऑनलाइन जमा कर दी जाएगी।

ऋण पुस्तिकाओं के आधार पर होगी धान-मक्का खरीदी

परिपत्र में बताया गया है कि किसानों से धान और मक्के की खरीदी उनकी ऋण पुस्तिका के आधार पर की जाएगी। ऋण पुस्तिकाओं में खरीदी का विवरण समिति के प्रबंधक अथवा अधिकृत कर्मचारी द्वारा अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। अधिया अथवा रेगहा पद्धति की खेती में उत्पादित धान बेचने के लिए आने वाले किसानों को भी अपनी भूमि की ऋण पुस्तिका को लेकर आना होगा, जिसमें जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही उन्हें स्वयं का वचनपत्र और भूमि स्वामी का सहमति पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। सभी उपार्जन केन्द्रों (खरीदी केन्द्रों) में अधिया अथवा रेगहा वाले किसानों से खरीदी के आंकड़ों का रिकार्ड अलग से रखा जाएगा।

परिपत्र में बताया गया है कि लिकिंग योजना में पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों और जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों से अल्पकालीन, मध्यकालीन और दीर्घकालीन ऋण प्राप्त किसानों से ही धान खरीदी की जाएगी। किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अधिकतम सीमा लिंकिंग सहित प्रति एकड़ 15 क्विंटल और मक्का खरीदी की अधिकतम सीमा प्रति एकड़ 10 क्विंटल तय की गई है।