बुलंद हौसले की मिसाल यशोदा नेताम

 
कवर्धा से 48 किमी दूर ग्राम है कंुड़ा  वहाॅ के एक गरीब परिवार में जन्म हुआ था यशोदा नेताम का आज हम आपकों उसी यशोदा नेताम के बारे में बताने जा रहे है जो अपने बुलंद हौसले से एक दिन अपना सपना साकार करने वाली है। यशोदा का सपना है  डाॅक्टर बनना। बचपन में यशोदा की दादी की मौत टीबी की वजह से हो गई थी|  उस समय गांव में कोई डाॅक्टर नहीं था जिस वजह से यशोदा नेताम ने ठाना की उसे अब डाॅक्टर बनना है जिससे कि उसके गांव में ईलाज के अभाव मेें और किसी को मौत का सामना न करना पड़े|  अपने इसी बुलंद हौसले के साथ यशोदा ने तैयारी शुरू की। 10 और 12 वी में बहुत अच्छे माक्र्स आने से यशोदा का ईरादा और बुलंद हो गया | 12 वी के बाद यशोदा ने नीट का एग्जाम दिया पर सफल नहीं हो पायी। इस असफलता से यशोदा घबरा गई। एक तो घर की हालत भी ठीक नहीं थी । यहाॅ पर यशोदा ने सोचा कि अब उसके सपने का क्या होगा तभी कुछ दिनों बाद यशोदा को कचहरीपारा हाइस्कूल के प्रिसिपल सर ने फोन करके जानकारी दी कि स्कूल में फ्री कोचिंग स्टार्ट होने वाली है तुम  एग्जाम देकर दाखिला ले सकती है। यशोदा ने फिर से हिम्मत की ,फार्म भरा एग्जाम दिया और सलेक्ट हो गई। यशोदा अभी आवासीय कोचिंग सेंटर में पढाई कर रही है और उसे अपनी कड़ी मेहनत पर पूरा विश्वास है कि उसे इस बार सफलता अवश्य मिलेगी। इस अवासीय कोचिंग का संचालन कवर्धा के शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कचहरी पारा में किया जा रहा है। शासन ने गरीब परिवार के मेरिटोरियस स्टूडेंट्स को जेईई व नीट की तैयारी के लिए कोचिंग की व्यवस्था की गई है। शासन के इस प्रयास से यशोदा नेताम जैसे कितने ही जरूरतमंद छात्र यहाॅ रहकर निःशुल्क कोचिंग लेकर अपना सपना साकार कर रहे है।