अपने सुनहरे भविष्य को छोड़कर गांव की बेटियों को शिक्षित कर रही एमबीए स्मृति सिंह

MBA (मास्टर्स आॅफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) की पढ़ाई करने बाद सभी का ये सपना होता है किसी मल्टीनेशनल कंपनी में जाॅब करना। लेकिन MBA की डिग्री हासिल करने के बाद स्मृति सिंह ने अपना सुनहरा करियर छोड़कर अपने गांव लौट आई। आज स्मृति सिंह अपने गांव की प्रधान है। और अपने गांव की बेटियों को सशक्त बनाने में जुटी हुई है। स्मृति सिंह महिला स्वास्थ्यण् स्वच्छता और कम्प्यूटर शिक्षा पर जोर देती है। स्मृति सिंह उत्तर प्रदेश के गांव रतसर कला की प्रधान है। वे अपने पूरे गांव के लिए एक मिसाल है। स्मृति सिंह आज की युवा सोच का प्रतिनिधित्व करती है। और एक एसी सोच जा खुद के लिए नहीं बल्कि औरों के लिए है। जिसमें अपने गांव अपने देश अपने  परिवार, गांव की बेटियों के लिए कुछ कर दिखाने का जज्बा है। इसी सोच के साथ स्मृति अपने गांव की बेटियों और महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। वर्ष 2014 में लखनऊ से  मैनेजमेंट की डिग्री लेने के बाद स्मृति ने नौकरी छोड़ दी वे एक रिसर्च कंपनी में काम करती थी। उन्हे  अपनी गांव की समस्या पता थी इसलिए वे अपने गांव आ गई। उन्होंने गांव के सरपंच कर चुनाव लड़ा और जीती भी। आज वे अपने गांव की मुखिया है और बालिका शिक्षा, महिला स्वास्थ्य और कम्प्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम कर रही है। अपने गांव में डिजिटल साक्षरता अभियान चला रही है। जिसके तहत कोर्स करा प्रमाणपत्र भी दिया जाता है।